PoliticsBJP का ‘संकल्प पत्र’ मात्र ‘छलावा पत्र’ है – राजबब्बर

Statement Today अब्दुल बासिद/ब्यूरो मुख्यालय: भारतीय जनता पार्टी द्वारा आज घोषित ‘संकल्प पत्र’ पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजबब्बर सांसद ने कहा कि यह ‘संकल्प पत्र’ नहीं ‘छलावा पत्र’ है तथा झूठ का गुब्बारा है। लोकतांत्रिक व्यवस्था, मूल्यों व सशक्त भारत कैसे देगी? यह यक्ष प्रश्न भारतीय समाज एवं भारतीय जन के समक्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में खड़ा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अच्छा होता कि भाजपा पिछले 2014...
Statement Today
अब्दुल बासिद/ब्यूरो मुख्यालय: भारतीय जनता पार्टी द्वारा आज घोषित ‘संकल्प पत्र’ पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजबब्बर सांसद ने कहा कि यह ‘संकल्प पत्र’ नहीं ‘छलावा पत्र’ है तथा झूठ का गुब्बारा है। लोकतांत्रिक व्यवस्था, मूल्यों व सशक्त भारत कैसे देगी? यह यक्ष प्रश्न भारतीय समाज एवं भारतीय जन के समक्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में खड़ा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अच्छा होता कि भाजपा पिछले 2014 के लोकसभा चुनाव में भारत की महान जनता के समक्ष घेाषित अपने घोषणापत्र का जिक्र करती कि पांच साल के कार्यकाल में क्या दो करोड़ प्रतिवर्ष के हिसाब से दस करोड़ युवाओं को रोजगार मिला और किसानों की आय दो गुनी हुई, पन्द्रह लाख खाते में आये और सौ स्मार्ट सिटी बनीं आदि ? नोटबन्दी व जीएसटी के नतीजे पर भी विस्तृत रिपोर्ट देते कि किस प्रकार करोड़ों लोगों के रोजगार बन्द हो गये और लाखों लघु एवं कुटीर उद्योग बन्द हो गये। परन्तु ऐसा न करके नये जुमलों के सहारे भाजपा एक बार फिर जनता के बीच झांसा लेकर आयी है। लेकिन भारत की महान जनता अब इनके झांसे में फंसने से रही। 
देश और प्रदेश की जनता अब कांग्रेस के ‘न्याय योजना’, जिसमें हर जरूरतमंद गरीब को 6 हजार रूपये प्रतिमाह अर्थात 72 हजार रूपये प्रतिवर्ष, युवाओं के लिए 22 लाख केन्द्र और राज्य सरकार के खाली पदों तथा 10 लाख स्थानीय निकाय एवं पंचायतों में कुल 32 लाख सरकारी नौकरियां जो एक साल में दी जानी है, किसानों की कर्जमाफी से पूर्ण कर्जमुक्ति तक योजना, मजदूर भाईयों के लिए मनरेगा के 100 से बढ़ाकर 150 दिवस की रोजगार की गारंटी, शिक्षा पर कुल जीडीपी का 6 प्रतिशत बजट, स्वास्थ्य पर ग्राम, ब्लाक और जिला स्तर पर सरकारी स्वास्थ्य इकाईयों को उन्नत एवं मजबूत करना जिससे आम जनता को बेहतर एवं सुलभ इलाज मिल सके। इस हेतु भारतीय जीडीपी का 3 प्रतिशत 2023-24 तक बजट आवंटन में प्राविधानित किया जायेगा। महिलाओं को पंचायतों एवं स्थानीय निकायों की भांति देश की विधानसभा, संसद एवं सरकारी नौकरियों में 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किये जाने के साथ खड़ी है। 

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