Lucknowकोरोना : लखनऊ में 4 और मरीजों में वायरस कंफर्म, उत्तर प्रदेश में कुल 23 मामले

Statement Today अब्दुल बासिद/ब्यूरो मुख्यालय: लखनऊ, कोरोनावायरस का कहर अब उत्तर प्रदेश में भी जमकर असर दिखाने लगा है। सरकार के साथ ही लोगों के प्रयास भी जारी हैं, लेकिन इसके बाद भी संक्रमण के मामलों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार को लखनऊ के चार और लोगों में कोविड-19 पॉजिटिव आया है। परीक्षण के नतीजे आते ही संक्रमित मरीजों के घर स्वास्थ्य विभाग की टीमें गईं और मरीजों को...
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अब्दुल बासिद/ब्यूरो मुख्यालय: लखनऊ, कोरोनावायरस का कहर अब उत्तर प्रदेश में भी जमकर असर दिखाने लगा है। सरकार के साथ ही लोगों के प्रयास भी जारी हैं, लेकिन इसके बाद भी संक्रमण के मामलों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार को लखनऊ के चार और लोगों में कोविड-19 पॉजिटिव आया है।
परीक्षण के नतीजे आते ही संक्रमित मरीजों के घर स्वास्थ्य विभाग की टीमें गईं और मरीजों को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) लाया गया। संक्रामक रोग विभाग के संयुक्त निदेशक ड़ॉ. विकासेंदु अग्रवाल ने बताया, लखनऊ में शुक्रवार को चार और मरीजों में कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हो गई है। इसके साथ ही लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में दर्जनों लोगों की स्कैनिंग जारी है।
इनकी संख्या में बढ़ोतरी तय है। उत्तर प्रदेश में अब संक्रमितों की संख्या 23 पर पहुंच गई है। लखनऊ केजीएमयू में कुल नौ लोग भर्ती हैं। इनमें आठ लखनऊ के हैं, जबकि एक लखीमपुर खीरी का युवक है। लखनऊ में शुक्रवार को जिन चार और लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है, उनमें दो महिला व दो पुरुष शामिल हैं। इसमें ब्रिटेन से लौटकर आई एक महिला शामिल है। बाकी तीन पहले से कोरोनावायरस संक्रमितों के संपर्क में थे।
केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि लखनऊ में सभी लोगों को आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। नौ में से सात मामले हायर लोड वाले पाए गए हैं। लखनऊ में गोमतीनगर निवासी पॉजिटिव केस इंग्लैंड से लौटा है, जबकि लखीमपुर खीरी निवासी व्यक्ति तुर्की से आया है। केजीएमयू के डॉ. डी. हिमांशु का कहना है कि दो नए मरीज मिलने के आधार पर कोरोना का फैलाव बढ़ रहा है, यह कहना जल्दबाजी होगा। हालांकि, सावधानी बरतकर इसे रोक सकते हैं।
ज्ञात हो कि एहतियातन लखनऊ के राममनोहर लोहिया अस्पताल में रूटीन सर्जरी पर बंद कर दी गई है। साथ ही सभी चिकित्सा संस्थानों के मेडिकल व पैरामेडिकल कर्मियों की छुट्टी पर 15 अप्रैल तक रोक लगा दी गई है। विधानसभा सचिवालय ने भी 31 मार्च तक अपरिहार्य परिस्थितियों को छोडक़र पास न जारी करने का निर्णय लिया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना को भले ही महामारी घोषित नहीं किया है, लेकिन महामारी जैसी सभी स्थितियों से निपटने का अलर्ट जारी किया गया है। यहां पर लाखों लोगों की रोज स्कैनिंग की जा रही है।

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