Editor's Pickउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

Statement Today जेड ए खान /सह सम्पादक : किशोर न्याय (बालकों की देख रेख और संरक्षण) नियम-2019 के प्रख्यापन के प्रस्ताव को अनुमति मंत्रिपरिषद ने किशोर न्याय (बालकों की देख रेख और संरक्षण) नियम-2019 के प्रख्यापन के प्रस्ताव को अनुमति प्रदान कर दी है। यह नियम भारत सरकार द्वारा सृजित आदर्श नियम-2016 के प्राविधानों को अंगीकृत करते हुए बनाया गया है। किशोर न्याय (बालकों की देख रेख और संरक्षण) नियम-2019 के प्रख्यापन के फलस्वरूप उत्तर...
Statement Today
जेड ए खान /सह सम्पादक :
  • किशोर न्याय (बालकों की देख रेख और संरक्षण) नियम-2019 के प्रख्यापन के प्रस्ताव को अनुमति
मंत्रिपरिषद ने किशोर न्याय (बालकों की देख रेख और संरक्षण) नियम-2019 के प्रख्यापन के प्रस्ताव को अनुमति प्रदान कर दी है। यह नियम भारत सरकार द्वारा सृजित आदर्श नियम-2016 के प्राविधानों को अंगीकृत करते हुए बनाया गया है। किशोर न्याय (बालकों की देख रेख और संरक्षण) नियम-2019 के प्रख्यापन के फलस्वरूप उत्तर प्रदेश में बालकों की देख रेख और संरक्षण की कार्यवाही अधिक प्रभावी ढंग से क्रियान्वित हो सकेगी। ज्ञातव्य है कि बालकों की देख रेख और संरक्षण के लिए भारत सरकार द्वारा अधिसूचित किशोर न्याय (बालकों की देख रेख और संरक्षण) अधिनियम-2015 के प्रस्तर-110 के अन्तर्गत राज्य सरकार द्वारा किशोर न्याय (बालकों की देख रेख और संरक्षण) नियम-2019 सृजित किया गया है।
पूर्व प्रचलित अधिनियम-2000 एवं सुसंगत नियमों के अन्तर्गत बालकों से सम्बन्धित कानून एवं उसके व्यावहारिक क्रियान्वयन में आने वाली कठिनाइयों के दृष्टिगत बालकों के विरुद्ध एवं बालकों द्वारा किए जाने वाले सामान्य से जघन्य नवीन अपराधों का वर्गीकरण नए नियमों में किया गया है। किशोर न्याय बोर्ड द्वारा विधि विरुद्ध बालकों के सम्बन्ध में लम्बित जांचों के समयबद्ध निस्तारण का प्राविधान नवीन नियम में किया गया है। बालकों से सम्बन्धित संस्थानों का अनिवार्य रूप से पंजीकरण किए जाने एवं नियमानुसार पंजीयन न होने की दशा में कठोर दण्ड का प्राविधान किया गया है। 
दत्तक ग्रहण के सम्बन्ध में वर्तमान नियम में एक पृथक अध्याय सम्मिलित किया गया है, जिसमें अनाथ बच्चों को सुपात्र दम्पत्ति को गोद लिए जाने के प्राविधानों में पारदर्शिता लाते हुए प्रक्रिया को बालहितकारी बनाया गया है। नवीन नियम-2019 में बालकों की देख रेख और संरक्षण हेतु निर्धारित विविध प्रक्रियाओं के क्रियान्वयन हेतु 46 विस्तृत स्पष्ट प्रारूप बनाए गए हैं, जिससे अधिनियम-2015 के प्राविधानों का क्रियान्वयन स्पष्ट और पारदर्शी रूप में किया जाना सम्भव हो सकेगा।
नवीन नियम में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग एवं राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा भी माॅनीटरिंग का प्राविधान किया गया है। समाज में बालकों के विरुद्ध होने वाले एवं बालकों द्वारा किए जाने वाले अपराधों में वृद्धि के दृष्टिगत नवीन नियम में अपराधों के श्रेणीकरण, उनके त्वरित निस्तारण, ऐसे बालकों के पुनर्वासन आदि की स्पष्ट व्यवस्था की गई है।
  • 0प्र0 कोर रोड नेटवर्क डेवलपमेण्ट परियोजना के रोड सेफ्टी घटक के अन्तर्गत कराए जाने वाले कार्यों को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने विश्व बैंक के ऋण से प्रस्तावित उ0प्र0 कोर रोड नेटवर्क डेवलपमेण्ट परियोजना के रोड सेफ्टी घटक के अन्तर्गत परिवहन विभाग, गृह (पुलिस) विभाग तथा लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए जाने वाले कार्यों को मंजूरी प्रदान कर दी है। उत्तर प्रदेश कोर रोड नेटवर्क डेवलपमेण्ट परियोजना के रोड सेफ्टी के अन्तर्गत लोक निर्माण विभाग, गृह विभाग एवं परिवहन विभाग द्वारा विश्व बैंक के ऋण से कराए जाने वाले प्रस्तावित कार्यों की कुल लागत 46.72 मिलियन यू0एस0 डाॅलर (303.68 करोड़ रुपए) है।
विश्व बैंक के ऋण से प्रस्तावित उत्तर प्रदेश कोर रोड नेटवर्क डेवलपमेण्ट परियोजना की कुल लागत 570 मिलियन यू0एस0 डाॅलर है, जिसमें से 400 मिलियन यू0एस0 डाॅलर विश्व बैंक से ऋण के रूप में प्राप्त होंगे। शेष व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे परियोजनाके ई0पी0सी0 पद्धति पर छः पैकेजों में क्रियान्वयन हेतु निर्माणकर्ताओं के चयन हेतु तैयार किये गये संशोधित व अंतिमीकृत आर0एफ0क्यू0-कम-आर0एफ0पी0’ बिड अभिलेख अनुमोदित
मंत्रिपरिषद ने ‘बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना’ के इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेन्ट एण्ड कन्सट्रक्शन (ई0पी0सी0) पद्धति पर छः पैकेजों में क्रियान्वयन हेतु निर्माणकर्ताओं के चयन हेतु तैयार किये गये संशोधित व अंतिमीकृत ‘आर0एफ0क्यू0-कम-आर0एफ0पी0’ बिड अभिलेखों पर अनुमोदन प्रदान कर दिया है। बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना की आकलित सिविल कार्य निर्माण की कुल लागत लगभग 14849.49 करोड़ रुपये है। इस धनराशि के लिए विभिन्न बैंकों से लगभग 7000 करोड़ रुपये के ऋण लिया जाना प्रस्तावित है। परियोजना के लिए वांछित भूमि के लिए कुल 2202.38 करोड़ रुपये की धनराशि का आकलन किया गया है, जिसके सापेक्ष शासन द्वारा 1590 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त कर दी गयी है। भूमि क्रय के लिए अब लगभग 612 करोड़ रुपये की आवश्यकता है, जिसे बैंक से ऋण के रूप में प्राप्त किया जाना प्रस्तावित है।
परियोजना क्रियान्वयन के लिए परियोजना के छः पैकेजों हेतु पृथक-पृथक आर0एफ0क्यू0 कम आर0एफ0पी0 जारी कर प्राप्त बिडों के आधार पर कान्ट्रेक्टर्स का चयन किया जाएगा। सम्पूर्ण बिड प्रक्रिया में न्यूनतम 45 दिनों का समय लगता है। इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण से बुन्देलखण्ड के जनपदों के  लिए प्रदेश की राजधानी से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे एवं यमुना एक्सप्रेस-वे के माध्यम से देश की राजधानी तक त्वरित गति की सुगम यातायात सुविधा उपलब्ध होगी। एक्सप्रेस-वे के निर्माणोंपरान्त सम्पूर्ण प्रदेश में सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। 04 लेन प्रवेश नियंत्रित एक्सप्रेस-वे होने के कारण इस एक्सप्रेस-वे से ईधन की महत्वपूर्ण बचत एवं प्रदूषण नियंत्रण भी सम्भव हो सकेगा। 
परियोजना से आच्छादित क्षेत्रों का सामाजिक एवं आर्थिक विकास के साथ ही कृषि, वाणिज्य, पर्यटन तथा उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे विभिन्न उद्योगों की स्थापना हेतु एक उत्प्रेरक के रूप में सहायक होगा। एक्सप्रेस-वे के निकट इण्डस्ट्रियल टेªनिंग इंस्टीट्यूट, शिक्षण संस्थान, मेडिकल संस्थान आदि की स्थापना हेतु भी अवसर उपलब्ध होंगे। 
एक्सप्रेस-वे के निर्माण में बुन्देलखण्ड क्षेत्र में पर्यटन विकास को बल मिलेगा एवं विकास से वंचित इस क्षेत्र का सर्वांगीण एवं बहुमुखी विकास सम्भव हो सकेगा। परियोजना के क्रियान्वयन तथा उसके समीप शिक्षण संस्थाओं, कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना से प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 50000 व्यक्तियों के लिए रोजगार सृजन की संभावना है।
  • गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना के दो पैकेजों केे ई0पी0सी0 पद्धति पर क्रियान्वयन हेतु निर्माणकर्ताओं के चयन के लिए आर0एफ0क्यू0-कम-आर0एफ0पी0’ बिड अभिलेख अनुमोदित
मंत्रिपरिषद ने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना के दो पैकेजों के इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेन्ट एण्ड कन्सट्रक्शन (ई0पी0सी0) पद्वति पर क्रियान्वयन हेतु निर्माणकर्ताओं के चयन के लिए तैयार किये गये ‘आर0एफ0क्यू0-कम-आर0एफ0पी0’ बिड अभिलेख को अनुमोदित कर दिया है। 
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे की आकलित सिविल कार्य निर्माण की कुल लागत लगभग 5876.68 करोड़ रुपये है। इस धनराशि के लिए विभिन्न बैंकों से लगभग 2275 करोड़ रुपये का ऋण लिया जाना प्रस्तावित है। परियोजना के लिए वांछित भूमि के लिए कुल 1563.90 करोड़ रुपये की धनराशि का आकलन किया गया है, जिसे शासन से प्राप्त किया जाना प्रस्तावित है। परियोजना क्रियान्वयन के लिए परियोजना के दो पैकेजों हेतु पृथक-पृथक आर0एफ0क्यू0-कम-आर0एफ0पी0 जारी कर प्राप्त बिडों के आधार पर कान्टेªक्टर्स का चयन किया जाएगा। सम्पूर्ण बिड प्रक्रिया में न्यूनतम 45 दिनों का समय लगता है। 
इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण से गोरखपुर तथा आस-पास के जनपदों के लिए प्रदेश की राजधानी तथा पूर्वान्चल एक्सप्रेस-वे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे एवं यमुना एक्सप्रेस-वे के माध्यम से देश की राजधानी तक त्वरित गति की सुगम यातायात सुविधा उपलब्ध होगी। 04 लेन प्रवेश नियंत्रित इस लिंक एक्सप्रेस-वे से ईधन की महत्वपूर्ण बचत एवं प्रदूषण नियंत्रण भी सम्भव हो सकेगा। परियोजना से आच्छादित क्षेत्रों का सामाजिक एवं आर्थिक विकास के साथ ही कृषि, वाणिज्य, पर्यटन तथा उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेस-वे आच्छादित क्षेत्रों में विभिन्न उत्पादक इकाइयों, विकास केन्द्रों तथा कृषि उत्पादन क्षेत्रों को प्रदेश की राजधानी एवं राष्ट्रीय राजधानी से जोड़ने हेतु एक औद्योगिक काॅरिडोर के रूप में सहायक होगा। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे हैण्डलूम उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, कोल्ड स्टोरेज, भण्डारण गृह, मण्डी तथा दुग्ध आधारित उद्योगों आदि की स्थापना हेतु एक उत्प्रेरक के रूप में सहायक होगा।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के निकट इण्डस्ट्रियल टेªनिंग इंस्टीट्यूट, शिक्षण संस्थान, मेडिकल संस्थान आदि की स्थापना हेतु भी अवसर उपलब्ध होंगे। प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण से परियोजना आच्छादित क्षेत्रों के पर्यटन विकास को बल मिलेगा एवं विकास से वंचित प्रदेश के इन पूर्वी क्षेत्रों में सर्वांगीण एवं बहुमुखी विकास सम्भव हो सकेगा।गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना के क्रियान्वयन तथा उसके समीप शिक्षण संस्थाओं, कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना से प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 10,000 व्यक्तियों के लिए रोजगार सृजन की सम्भावना है।

One comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *